22 मई 2026 लखीमपुर खीरी जिले में अपराध पर जीरो टॉलरेंस और जनता में विश्वास का दूसरा नाम बन चुके हैं नीमगांव के थाना अध्यक्ष प्रवीर कुमार गौतम नीमगांव में तैनाती के बाद से ही अपराधियों में दहशत का माहौल है और क्षेत्र में अपराध का ग्राफ तेजी से गिरा है।
1. नीमगांव से शुरू हुई 'खौफ की कहानी
नीमगांव थाने में SO के रूप में तैनाती के बाद प्रवीर कुमार गौतम ने लूटपाट की घटनाओं के खुलासे में अहम भूमिका निभाई उनके नेतृत्व में कई मुठभेड़ हुईं, जिसके बाद अपराधी सलाखों के पीछे पहुंचे सबसे चर्चित रहा सोतहा घाट एनकाउंटर, जहां 25 हजार के इनामी बदमाश सतेंद्र उर्फ सेठ को घेराबंदी कर दबोचा गया। मौके से तमंचा और चोरी का माल बरामद हुआ। SP खीरी ने टीम को शाबाशी दी।
2. कौन हैं प्रवीर कुमार गौतम?
मूल रूप से कानपुर नगर के निवासी प्रवीर कुमार गौतम 2015 बैच के उपनिरीक्षक हैं। उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से वकालत की पढ़ाई की है। एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले गौतम ने अपनी हर नियुक्ति में अपराध नियंत्रण को पहली प्राथमिकता बनाया।
उनका मानना है: _"अपराधियों में पुलिस का खौफ होना आवश्यक है, ताकि वे अपराध करने से पहले कई बार सोचें।"_
3. काम करने का तरीका: एक्शन + जनसंवाद*
1. *रात्रि गश्त बढ़ाई:* गांवों में गश्त बढ़ने से चोरी की वारदातों पर लगाम लगी।
2. *मुखबिर तंत्र मजबूत:* सूचनाओं पर तत्काल एक्शन, मुठभेड़ तक की नौबत।
3. *जनसंवाद पर जोर:* जनता की आवाज पर कार्य, विधिक सेवाएं पहुंचाकर सुरक्षा और विश्वास की भावना जगाई।
4. *महिला अपराध पर सख्त:* फरियादियों की तुरंत सुनवाई।
*4. जनता का भरोसा जीता*
स्थानीय लोगों का कहना है कि "साहब खुद रात में निकलते हैं। अपराधियों में खौफ है और आम आदमी चैन से सोता है।" उनकी तैनाती के बाद से नीमगांव थाना पुलिस के प्रति जनता में सकारात्मक भावना पैदा हुई है।
वर्तमान में *'जिला बॉर्डर सीलिंग योजना'* को भी थाना नीमगांव में सख्ती से लागू कराया जा रहा है, ताकि अपराधी जिले से भाग न सकें।
खाकी का असली मतलब
थाना अध्यक्ष नीमगांव प्रवीर कुमार गौतम साबित करते हैं कि खाकी सिर्फ वर्दी नहीं, जिम्मेदारी है। कानून की पढ़ाई
कर चुके प्रवीर कुमार गौतम अपराध और कानून दोनों को समझते हैं, इसलिए उनका एक्शन सटीक बैठता है।
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रिपोर्ट अंकित दीक्षित पत्रकार |



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