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Showing posts from June, 2026

लखीमपुर खीरी में किताब का झांसा, मौत का फंदा: जब गुरु ने ही छात्रा को दरिंदों के हवाले कर दिया।

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कलम से भविष्य लिखने वाले हाथों ने जब खंजर थाम लिया, तो इंसाफ की आखिरी उम्मीद FSL की लैब में जगी। FSL रिपोर्ट ने खोला राज - वीडियो असली निकला,पिता की तहरीर में शिक्षक पर साजिश का आरोप। गैंगस्टर लगा। लखीमपुर खीरी। जुलाई की तपती दोपहर थी। पिपरीनरायनपुर की 17 साल की पूजा तिवारी घर से निकली। हाथ में बस्ता, आंखों में सपने। मकसद था गोला से किताब खरीदना। साथ था वो शख्स जिसे समाज "गुरुजी" कहता है - उसके कॉलेज का शिक्षक,पूजा को क्या पता था कि जिस हाथ ने ब्लैकबोर्ड पर भविष्य लिखना था, वही हाथ आज उसकी किस्मत में मौत लिखने जा रहा है। अध्याय 1: भरोसे का कत्ल पिता की FIR कहती है:  शिक्षक ने ही फोन कर पूजा को बुलाया था। "किताब दिला दूंगा बेटा, मेरे साथ चलो,लेकिन रास्ता गोला बाजार का नहीं,हैदराबाद थाना क्षेत्र के सुनसान गन्ने के खेत का था। वहां पहले से घात लगाए बैठे थे छितौनिया के दबंग।  FIR का आरोप है: शिक्षक ने पूजा को देखते ही कदम पीछे खींच लिए,इशारा मिलते ही दबंगों ने पूजा को घेर लिया,फिर जो हुआ, वो इंसानियत को शर्मसार करने वाला था। पूरी बर्बरता कैमरे में कैद हुई। अध्याय 2: चीख जो द...

गमछा शान नहीं, किसान की पहचान है श्यामू शुक्ला उसका नाम है।

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एक किसान नेता की आवाज बन जाए हजारों किसानों की उम्मीद 1.मैगलगंज की पहचान बना एक चेहरा लखीमपुर खीरी के मैगलगंज में अगर किसी का नाम किसान की चौपाल पर सबसे ज्यादा लिया जाता है, तो वो है श्यामू शुक्ला उर्फ प्रदीप शुक्ला सफेद कुर्ता, कंधे पर गमछा, और माइक पर एक ही नारा जब तक किसान की सुध न ली जाएगी, ये ट्रैक्टर यूं ही चलता रहेगा। 2. श्यामू शुक्ला की शुरुआत: खेत की मिट्टी से निकला नेता   2018-19 का दौर,गन्ना किसान का भुगतान 2 साल से अटका। बिजली का बिल बिना मीटर के हजारों में। आवारा पशु पूरी फसल चर जाएं। प्रधान से लेखपाल तक सबके दरवाजे पर किसान माथा पटक रहा था।  तभी श्यामू शुक्ला ने भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का झंडा उठाया। लखीमपुर, हरदोई, सीतापुर के गांव-गांव घूमे। कहा अकेले रोने से कुछ नहीं होगा, एक साथ दहाड़ना पड़ेगा। 3. वो दिन जब कलेक्ट्रेट हिल गई थी। पहली ट्रैक्टर रैली: मैगलगंज से लखीमपुर तक 300 से ज्यादा ट्रैक्टर। आगे-आगे श्यामू शुक्ला। पीछे हजारों किसान। मांग साफ थी,गन्ना भुगतान दो, बिजली बिल माफ करो, छुट्टा पशु से छुटकारा दो,अफसरों ने पहले टाला। फिर कुर्सी छोड़कर बा...

EXCLUSIVE: लखीमपुर खीरी में पुलिस का "बंदर घोटाला" - मालखाने से 1 करोड़ का सोना गायब, कोर्ट ने कहा दोषियों पर FIR करो

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लखीमपुर खीरी : कभी-कभी अदालतों में ऐसे मामले सामने आते हैं, जो किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगते, लेकिन जब ऐसी कहानी कानून की रक्षा करने वाली संस्था की ओर से सुनाई जाए, तो सवाल केवल एक मामले तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर खड़े हो जाते हैं. लखीमपुर खीरी की सदर कोतवाली से जुड़ा एक ऐसा ही मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें करोड़ों रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों के गायब होने पर पुलिस ने अदालत को बताया कि बारिश में पोटलियां खराब हो गईं और बाद में बंदर जेवर उठा ले गए. अदालत ने इस दलील को न सिर्फ अविश्वसनीय माना, बल्कि पूरे प्रकरण को गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखते हुए कड़ी टिप्पणी की है. दरअसल, इस मामले की शुरुआत साल 2007 में हुई थी. दीपावली की रात शहर के कपूरथला मोहल्ले में रहने वाली रानी अग्रवाल उर्फ जूली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर से उतारे गए सोने के बहुमूल्य आभूषण पुलिस को सुपुर्द किए गए थे. इनमें सोने की चेन, लॉकेट, अंगूठी, नाक की कील और कई भारी चूड़ियां शामिल थीं. इन सभी आभूषणों को पुलिस ने मालखाने में सुर...