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Showing posts from July, 2024

लखीमपुर खीरी जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर फ़र्ज़ी संगठन बनाकर सैकड़ो लोगो के साथ हो गई ठगी

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लखीमपुर खीरी । जिले में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठग ने पहले संगठन बनाया और फिर उसके बाद आसपास समेत दूर दराज क्षेत्र में सैकड़ो की संख्या में लोगों को संगठन में जोड़ा नौकरी दिलवाने के नाम पर 1000, 2000, 5000, 10,000 से लगाकर 20,000 तक की मोटी रकम भी वसूल की। पीड़ित द्वारा दी गई शिकायती पत्र  संगठन से जुड़े लोगों ने काफी समय बीत जाने के बाद जब नौकरी और काम की बात पूछी तो आजकल आजकल करके सिर्फ आश्वासन दे दिया गया। सैकड़ो की संख्या में लोगों के साथ हुई ठगी में कुछ जागरूक लोगों ने नीमगांव थाना में लिखित तहरीर देकर ठगो के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। आपको बताते चले की लखीमपुर खीरी जिले अंतर्गत थाना क्षेत्र नीमगांव की सिकंदराबाद चौकी के ग्राम भदेहा खेड़ा का है। पीड़ितगण अमित भारती निवासी गोला, निरंकार निवासी जमुनाबाद फॉर्म, विजेंद्र सिंह निवासी गोला ने प्रभारी निरीक्षक थाना नीमगांव को लिखित तहरीर देते हुए बताया। की दो माह पूर्व विपक्षीगण सुरेंद्र कुमार पुत्र खुशीराम निवासी पीतपुर, रघुनंदन प्रसाद पुत्र हीरालाल निवासी ग्राम भदेहा खेड़ा थाना नीमगांव ने हम लोगों को पर्यावरण संरक्षण एवं प्...

बिसरख गांव में भारत की एकमात्र शिव अष्टभुजी शिवलिंग है।

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मैं निकल चुका हूं अपने नए आर्टिकल की खोज में उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा जो हमारे लखीमपुर खीरी जिले से करीब 382 किo मिo की दूरी पर पड़ता जो उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बिसरख गांव है जहां बना हैं रावण मंदिर,यहां के लोग रावण को अपना वंशज बताते हैं मानना है की बिसरख का नाम ऋषि विश्वश्रवा के नाम पर पड़ा है, जो समय के साथ विकृत हो गया होगा। हम उन्हें सोने की लंका पर शासन करने वाले दस सिर वाले रावण के पिता के रूप में बेहतर जानते हैं कुछ वृत्तांत कहते हैं कि उनका जन्म यहीं हुआ था जबकि अन्य कहते हैं कि उन्होंने अपने बचपन का कुछ हिस्सा यहीं बिताया था।   बिसरख नोएडा के शहरी महानगर में स्थित एक प्राचीन गाँव है तकनीकी रूप से यह ग्रेटर नोएडा का सेक्टर 1 है दिल्ली से, यह 20-30 किमी हो सकता है, यह इस पर निर्भर करता है कि आप कहाँ से शुरू करते हैं।   विसरख व और मेरा सफर बिसरख तक पहुँचने के लिए हमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा की शानदार एक्सप्रेसवे सड़कों पर 7 से 8 घण्टे के लंभे सफर को तय करते करते हम पहुंच गए थे। यहां सबसे पहले हमारी नजर रावण किराना स्टोर नामक किराने की दुकान पर पड़ी। इसके ठीक...

उत्तर प्रदेश के कईं गांवों में चहकने-फुदकने वाली गौरैया का आखिर संरक्षण क्यों है ज़रूरी?

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ऐसे रूठी नन्ही गौरैया,सूना हुआ आंगन, गायब हुई घर की रौनक पेड़ की शाख पर बैठी नन्हीं गौरैया लखीमपुर खीरी। जिले के ग्रामीण अंचलों में घर के आंगन में नन्ही परी की तरह फुदकने वाली गौरैया अब मुश्किल से ही नजर आती है। इंसानी रहन सहन में आए बदलाव से गौरिया रूठी तो घर की रौनक ही चली गई। रूठे भी क्यों न हमने उनके घर ही नहीं छीने, बल्कि उन्हें दाना पानी देना भी भूल गए। उनके कुदरती भोजन को बर्बाद करने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। घर ऐसे बनने लगे कि गौरैया के घोसला बनाने के लिए जगह ही नहीं बची।   ग्राम डालुआपुर में नन्हीं गौरेया उगली पर बैठकर ली गई छवि आज से 20/25 साल पहले तक गौरैया घर-परिवार का एक अहम हिस्सा हुआ करती थी। घर के आंगन में फुदकती गौरैया, बच्चे उनके पीछे नन्हे-नन्हे कदमों से भागते बच्चे। अनाज साफ करती मां के पहलू में दुबक कर नन्ही गौरैयों का दाना चुगना और और फिर फुर्र से उड़कर झरोखों में बैठ जाना। अब यह नजारे शहर तो क्या गांवों में भी नहीं दिखते हैं। गौरैया घर परिवार की खुशी थी, जो अब छिन गई है। खत्म होती हरियाली, उसकी जगह खड़े होते कंक्रीट के जंगल, खेतों में कीटनाशकों के अंधाध...

मेरे धान के खेत में सारस क्रेन हैं: संकटग्रस्त पक्षी के संरक्षण के लिए सामुदायिक धारणाओं में बदलाव होना आवश्यक: विवेक सिंह

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 👉🏻 सारस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बाते। *  1.  सारस क्रेन एक बड़ा गैर-प्रवासी पक्षी है जो भारतीय उपमहाद्वीप, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। 2. यह सबसे बड़ा उड़ने वाला पक्षी है। 3. उ त्तर प्रदेश में सारस क्रेन की आबादी में वृद्धि दर्ज की गई है, जो 2015 में लगभग 13,300 पक्षियों से बढ़कर 2018 में लगभग 15,900 हो गई है, जिसका श्रेय राज्य सरकार और गैर-लाभकारी संगठनों द्वारा किए गए ठोस प्रयासों को जाता है। 4. किसानों को शामिल करते हुए समुदाय-आधारित दृष्टिकोण और व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का पक्षी जनसंख्या पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। *  5.  इसकी जनसंख्या में वृद्धि के बावजूद, फसल पैटर्न में बदलाव और आर्द्रभूमि का सिकुड़ना इस पक्षी के अस्तित्व के लिए चिंता का प्रमुख विषय बने हुए हैं। 👉🏻 लखीमपुर खीरी जिले मैगलगंज वन रेंज की वन विट चौकी कस्ता के ग्राम डालुआपुर के विवेक सिंह   आजकल बहुत खुश हैं क्योंकि विवेक सिंह वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के शौकीन है वन्य जीव के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं वह हमेशा अपने शोशल अकाउंट पर जीव ...

मिशन शक्ति टीम ने गुड टच, बैड टच के बारे में प्राथमिक विद्यालय नीमगांव के बच्चों किया जागरूक

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नीमगांव थाना पुलिस की जारी है पहल प्राथमिक विद्यालय नीमगाँव में मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को जागरूक करती पुलिस लखीमपुर खीरी। जिले में मिशन शक्ति अभियान के तहत नीमगांव थाना पुलिस द्वारा प्रतिदिन महिला जागरूकता व सशक्तिकरण अभियान चलाया जा रहा है इस अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत महिलाओं व बलिकाओं को गुड टच बैड टच के बारे में जानकारी दी जा रही है। पैदल गश्त के दौरान महिलाओं से संवाद करती थाना अध्यक्षा नीमगांव सुनीता कुशवाहा  आपको बता दें कि शासन द्वारा बालिकाओं व महिलाओं की सुरक्षा व महिला जागरूकता एवं सशक्तिकरण के दृष्टिगत चलाये जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक जीपी शाहा के निर्देशन में महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षार्थ थाना नीमगांव में गठित एण्टी रोमियो स्क्वाड द्वारा प्रतिदिन मंदिर व भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर गश्त कर बालिकाओं व महिलाओं से वार्ता कर महिला सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है वहीं इसी कड़ी में आज नीमगांव ग्राम के प्राथमिक विद्यालय में महिलाओं व छात्राओं को नीमगांव थाना पुलिस द्वारा चलाई जा रही सुरक्षा संबंधि...

सौदा नहीं है मेरी दोस्ती... ए दोस्त...

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👉🏻 लखीमपुर खीरी सोशल मीडिया के इस युग में पूरी दुनिया के तमाम लोगों तक पहुंचने और उनसे जुड़ने की संभावना पहले से कई गुना बढ़ गयी है। 👉🏻 सिर्फ एक बटन दबा कर मित्रों को अपने पास कर लीजिए, ट्वीट के जरिये उनको अपने नये-नये समाचार दे दीजिए या अपने ब्लॉग पर दूसरों की राय फटाफट जान लीजिए अब नेटवर्किंग यानी मेलजोल का दायरा बढ़ाने के विकल्प लगभग असीमित हैं हमारे ‘वर्चुअल’ यानी परोक्ष मित्रों और ‘फॉलोअर्स’ की संख्या जैसे-जैसे बढ़ रही है, क्या आपके मन में कभी यह सवाल उठा है कि इनमें से वास्तव  में कितना सही है? 👉🏻 आपके लिए मित्रता  क्या मायने रखती है? मैं समझता हूं कि किसी भी चीज से गहराई से जुड़ने की क्षमता मुझमे रही है चाहे वो पेड़ हो या स्थान, जमीन हो या चट्टान या फिर इंसान जिससे भी जुड़ा गहराई से जुड़ा मेरी ये योग्यता कई मायनों में वह कुंजी रही है जिसने जीवन और प्रकृति के नये पहलुओं को मेरे सामने खोला  है स्कूल में दाखिले के बाद, तीन या चार साल की उम्र में मैंने अपना पहला मित्र बनाया मेरा उसके साथ इतना ज्यादा लगाव था कि वह मेरे लिए किसी भी चीज से बढ़ कर था। आज भी मुझे उसका...

द फन डोज टीम ने पौधरोपण के प्रति युवाओं में दिखा काफी जुनून, पर्यावरण सुरक्षा का लिया संकल्प।

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जीवन को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है पर्यावरण-उत्पल बाजपेई   शाहजहांपुर/लखीमपुर खीरी । पेड़ पौधो से जीवन दायिनी ऑक्सीजन मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन भी होता है इस नाते पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण अत्यंत आवश्यक है । उक्त बातें द फन डोज यूट्यूब चैनल की टीम के सदस्यों लखीमपुर खीरी जिले के पावन धाम टेढ़ेनाथ बाबा मंदिर परिसर में पौधरोपण करने के बाद द फन डोज टीम के सदस्यों ने राष्ट्रहित में पौधरोपण की शपथ ग्रहण की इसी दौरान विशाल, मनु यादव, शोभित ने कहा यह प्रकृति की कितनी बड़ी विडंबना है कि जिस आक्सीजन के बिना मनुष्य एक पल भी जीवित नहीं रह सकता है उसकी पूर्ति भरपूर मात्रा में पेड़ पौधे निशुल्क करते हैं आज पूरे देश में वनीकरण क्षेत्रों में जिस रफ्तार से पेड़ पौधों की कटाई हुई है। लखीमपुर जिले में बाबा टेढेनाथ मंदिर परिसर में वृक्षारोपण करते द फंडोज टीम सदस्य उससे पर्यावरण में ऑक्सीजन की मात्रा की कमी होती जा रही है जो जनजीवन के लिए अत्यंत घातक है। उत्पल बाजपई ने कहा की पर्यावरण में ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए हर व्यक्ति को अपने हाथो पौधरोपण कर उसकी रक्षा का संकल्प लेना चाहिए शो...

लखीमपुर खीरी जिले में गजमोचन नाथ मंदिर का भी अपना विशेष स्थान जहां सुदर्शन चक्र से मगरमच्छ की गर्दन काटकर हाथी को गया बचाया।*

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लखीमपुर खीरी। जिले में कई धार्मिक और पौराणिक स्थलों में गजमोचन नाथ मंदिर भी अपना विशेष स्थान रखता है जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर, मोहम्मदी मार्ग पर रोशननगर में गजमोचन नाथ मंदिर है। यह स्थल महाभारत काल से जुड़ा है। जब यहां केवल वन क्षेत्र था। तब इसको कजरी वन के नाम से पुकारते थे। वजह थी वन इतना घना था कि यहां दिन में भी अंधेरा रहता था। इस स्थल का उल्लेख श्रीमद्भागवत कथा और सुख सागर में भी मिलता है। वन क्षेत्र में इस स्थल पर कदंब के वृक्षों की बहुलता थी। हालांकि अब यहां केवल चार कदंब के वृक्ष ही रह गए हैं। तीर्थ स्थल का महत्व यहां बहने वाली जंगली नदी से था। अब यह नदी तालाब के रूप में रह गई है। पौराणिक कथा इसी नदी पर आधारित है। नदी में रह रहे एक मगरमच्छ से हाथी का लंबा बैर चला। एक दिन मगर ने हाथी (गज) का पैर पकड़ लिया और पानी में खींचने लगा। हाथी त्राहि-त्राहि कर उठा। जौ भर सूंड पानी के ऊपर रह गई तो हाथी की पुकार पर भगवान विष्णु अवतरित हुए और सुदर्शन चक्र से मगर की गर्दन काटकर हाथी को बचाया। मंदिर में इस दृश्य को दर्शाती मूर्तियां लगी हैं। वहीं प्राचीन शिवालय है। आदिकाल की सरस्वती ...

एक के बाद एक चोरी लेकिन खुलासा एक भी नहीं, क्या सो रही है मितौली थाना पुलिस, बड़े अफसर भी अब सवालों के घेरे में।

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लखीमपुर खीरी। जिले के मितौली में आए दिन चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ हैं यूं तो कहा जाता है कि कानून के हाथ काफी लंबे होते हैं और कानून का हाथ अपराधियों को पकड़ ही लेता है लेकिन, शायद यह वाक्य मितौली थाना में घटित हुई घटना में फीट नहीं बैठता है, इसी वजह से मितौली थाना क्षेत्र में कई ऐसी घटनाएं हो चुकी है जिनका कई महीने बीत जाने के बाद भी खुलासा नहीं हो पाया है और चोरों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाए हैं * कहीं बाहरी गैंग का तो हाथ नहीं* लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो घटनाएं करने वाला गिरोह कहीं आसपास के इलाकों का हो सकता है। शायद इसलिए पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस चोरों को पकड़ना तो दूर उनकी पहचान तक नहीं कर सकी है। * आइए मितौली थाना क्षेत्र में घटित हुई चोरी की वारदातों पर एक नजर डालते हैं ।* घटना नंबर - 1 12 नवंबर दिवाली की रात मितौली थाने के सामने स्थित पौराणिक दुधवा सती मंदिर में दान पत्र में रखी करीब 18 ह जार की नगदी चोरों ने पार कर दी थी जिसका खुलासा आज तक नहीं हुआ। घटना नंबर - 2 ...

दहेज की भेट चढ़ी नंदनी गुप्ता हत्या करने का मायके पक्ष ने लगाया आरोप।

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मृतका नंदनी गुप्ता का फाइल फटो मितौली खीरी। थाना मितौली क्षेत्र मे दहेज की मांग से पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लडकी के परिवार वालो ने हत्या का आरोप लगाते हुए पाच लोगों को नामजद करते हुए थाना मितौली पुलिस को लिखित तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है। घटना स्थल पर पहुचे मितौली उपाधीक्षक समशेर बहादुर सिंह, कोतवाली प्रभारी मितौली राजू राव, फारेस्टिक टीम  पुलिस बल के साथ मौके पर पहुच कर घटना स्थल की बारिकी से जाच पडताल कर शव को अपने कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम हेतु जिला मुख्यालय भेजा प्राप्तज जानकारी के अनुसार ग्राम मितौली के सोनू गुप्ता पुत्र हरि किशोर गुप्ता की पत्नी अपने कमरे में आज सुबह फांसी पर झूलती हुई पाई गई परिजनों सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव शूली से उतराते हुए घटनास्थल की जांच कर पीएम के जिला मुख्यालय लिए भेजा। ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला नंदिनी गुप्ता का शव   परिजनों के मुताबिक परिवार ने दहेज के लालच में पुत्री को सालों तक किया प्रताड़ित जब नहीं मिला दहेज तो पुत्री की जान ले ली गई  भाई सचिन कुमार के बयान के मुताबिक उसकी बहन नंदनी गुप्ता की...

पुरुष आयोग बनाना अब समय की मांग, एकपक्षीयता से निपटने के लिए यह बहुत हैं जरूरी

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 लखीमपुर खीरी। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने पुरुष आयोग का गठन करने की मांग वाली याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसमें एकतरफा तस्वीर पेश की गई है याचिका में मांग की गई थी कि जो पुरुष पत्नियों द्वारा घरेलू हिंसा से पीड़ित हैं, उन्हें न्याय देने के लिए एक विस्तृत दिशानिर्देश जारी हो और राष्ट्रीय पुरुष आयोग बनाया जाए इंटरनेट मीडिया पर हमें अक्सर ऐसी खबरें पढ़ने को मिलती हैं कि पत्नियों के हाथों पिटने वाले पतियों के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। हालांकि कहा नहीं जा सकता कि इस तरह की खबरों में कितनी सच्चाई है, लेकिन मैं एक पुरुष को जानती हूं, जिन्हें अक्सर उनकी पत्नी पीटती थी। उसने एक बार तो उनका हाथ तक तोड़ दिया था। पत्नियों द्वारा गाली-गलौच एवं मामूली बातों पर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के कानूनों का सहारा लेकर न केवल पतियों, बल्कि उनके परिवार वालों को भी कठघरे में खड़ा करना आम बात हो चली है। हम सब इसे जानते भी हैं, लेकिन आंखें मूंदे रहते हैं, क्योंकि समाज में माना जाता है कि अक्सर हिंसा पुरुष करते हैं, स्त्रियां तो सताई हुई होती हैं। उनका कोई अपराध नहीं होता। दे...

मेरे बचपन का गांव बरूई : क्या भुलूं, क्या याद करूं

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  * देखते – देखते कुछ ही दशक में हमारे गाँव कितना बदल गए हैं, संयुक्त परिवार टूट गए, सुकून खो गया, एक तस्वीर पेश कर रहे हैं लखीमपुर खीरी जिले से स्वतंत्र पत्रकार प्रांशु वर्मा। * 👉🏻 * मेरा बचपन गांव में बीता बाबा और दादी के साथ रहता था मेरा अधिकांश समय बाबा और दादी, जिन्हें मैं आजी कहता था के साथ ही बिता था दादी के पास ही मैं सोता था. लिहाजा उनसे जुड़ी अनेक स्मृतियां अब भी याद आ रही हैं तब गांव में बिजली नहीं थी मिट्टी का घर था. संयुक्त परिवार था सब लोग एक साथ रहते थे बैल, गाय-भैंस और एक-दो कुत्ते भी रहते थे जानवर भी परिवार के हिस्सा थे खेत-खलिहान और बागीचे से जुड़ी अधिकांश चीजें अब भी याद आ रही हैं। * * दोपहर बगीचे में * _ * मुझे याद है कि गर्मी के मौसम में जामुन व आम खाकर ही दोपहर का समय बीत जाता था बागीचे में दोपहर में खूब खेलते थे ओल्हा-पाती खेलते थे कभी-कभी गांव के तालाब में भी स्नान करते थे तैरना मैंने तालाब में ही सीखा था भैंस की पीठ पर बैठकर तालाब में स्नान खूब किए हैं उसकी पूंछ के सहारे ही धीरे-धीरे पानी में तैरना मैंने सीख लिया था कुआं भी था, जिसे अब पाट दिया गया है।...

*कौन है साकार विश्व हरि बाबा हमेशा रहता है सूट-बूट में तीन राज्यों में हैं अनुयायी, सत्संग में देता है यह संदेश* *@✍🏻प्रांशु वर्मा जिला अपराध संवाददाता/लेखक* नोट:- मेरे द्वारा लिखी गई पोस्ट में उक्त जानकारी मीडिया सूत्र वह इंटरनेट के माध्यम से ली गई है,पोस्ट को कॉपी न करें नाही पोस्ट से छेड़छाड़ करें कृपया ऐसे ही वायरल करें। 👉🏻 *उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां साकार हरि बाबा का एक दिवसीय सत्संग चल रहा था। वहां पर बच्चों के साथ महिलाएं और पुरुष बाबा का प्रवचन सुन रहे थे। लगभग पौने दो बजे सत्संग खत्म हुआ, बाबा के अनुयायी बाहर सड़क की ओर जाने लगे। तभी भगदड़ मच गई। हादसे में अब तक 120 लोगों की मौत की खबर है। इस बड़े हादसे के बाद हर शख्स यह जानना चाहता है कि आखिर कथावाचक साकार हरि बाबा उर्फ भोले बाबा कौन है। जिसके सत्संग में इतनी ज्यादा तादाद में अनुयायी पहुंचे हुए थे।* 👉🏻 *साकार विश्व हरि बाबा उर्फ भोले बाबा का असली नाम सूरज पाल सिंह है बाबा कासगंज के पटयाली का रहने वाला है करीब 17 साल पहले पुलिस कांस्टेबल की नौकरी छोड़कर सत्संग करने लगे नौकरी छोड़ने के बाद सूरज पाल नाम बदलकर साकार हरि बन गया अनुयायी उसे भोले बाबा कहते हैं कहा जाता है कि गरीब और वंचित तबके के लोगों के बीच में इनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी कुछ समय में लाखों की संख्या में अनुयायियों बन गए उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में अनुयायी फैले हैं।* 👉🏻 *मानव सेवा का देता है संदेश* _साकार हरि बाबा अपने सत्संग में मानव सेवा का संदेश देता है। सत्संग में लोगों से बाबा कहता है कि मानव की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। सबसे बड़ी शिक्षा है। सत्संग में आने वाले लोगों से कहता है यहां रोग मिट जाते हैं, मन शुद्ध होता है, यहां पर कोई भेदभाव नहीं कोई दान नहीं कोई पाखंड नहीं यही सर्व समभाव है यहीं ब्रह्मलोक है, यहीं स्वर्ग लोक है।_ 👉🏻 *सूट-बूट में रहता है बाबा* _बाबा के बारे में कुछ लोग कहते हैं कि ये यूपी पुलिस में दरोगा हुआ करते थे कुछ इन्हें आईबी से जुड़ा भी बताते हैं इसीलिए बताया जाता है कि बाबा पुलिस के तौर-तरीकों से परिचत हैं वर्दी धारी स्वयंसेकों की लंबी-चौड़ी फौज खड़ी करने में यह काफी मददगार साबित हुआ बाबा आम साधु-संतों की तरह गेरुआ वस्त्र नहीं पहनता बहुधा वह महंगे गॉगल, सफेद पैंटशर्ट पहनता है अपने प्रवचनों में बाबा पाखंड का विरोध भी करते हैं चूंकि बाबा के शिष्यों में बड़ी संख्या में समाज के हाशिए वाले, गरीब, दलित, दबे-कुचले लोग शामिल हैं उन्हें बाबा का पहनावा और यह रूप बड़ा लुभाता है।_ 👉🏻 *मीडिया से भी दूरी* _बाबा के सत्संगों में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। बाबा के शिष्य अपनी ही मस्ती में रहते हैं। यही वजह है कि मीडिया से भी ये लोग दूरी बरतते हैं। दरअसल, बाबा के सत्संग के तौर-तरीके चूंकि आम संतों से अलग होते हैं लिहाजा ये लोग नहीं चाहते कि इस पर किसी प्रकार की टीका-टिप्पणी हो।_ 👉🏻 *यहां मौजूद है बाबा का आश्रम* _भोले बाबा का आश्रम कासगंज जिले के पटियाली तहसील क्षेत्र के बहादुरनगर गांव में मौजूद है। यह उनका पैतृक गांव भी है। भोलेबाबा का बहादुर नगर में बड़ा आश्रम बना है। इस आश्रम में पहले सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार को सत्संग होता था, लेकिन कुछ वर्ष पहले से यह परंपरा टूटी है।_

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  हाथरस में आयोजित सत्संग के दौरान हुई भगदड़ में क़रीब दो सैकड़ा से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है यह हादसा उस समय हुआ जब हजारों लोग संत के प्रवचन को सुनने के लिए एकत्रित हुए थे। इस भयावह घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। उत्तर प्रदेश के हाथरस के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र में स्थित फुलरई गांव में सत्संग के दौरान मची भगदड़ की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस भगदड़ में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है वहीं, 200 से अधिक घायल हो गए हैं। अभी तक मिल रही जानकारी के अनुसार, सत्संग में मची भगदड़ में लोगों की मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की है घटना के बाद से चारों तरफ चीख पुकार मची हुई है। * बताया जा रहा है कि फुलरई गांव में भोले बाबा का सत्संग चल रहा था, सत्संग खत्म होने के बाद भगदड़ मच गई भगदड़ में कई महिलाएं, बच्चे और पुरुष दब गये। * अचानक मची इस भगदड़ में कई लोग घायल हैं और सैकड़ों लोग भीषण गर्मी से बेहोश हो गए हैं पुलिस प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है कुछ घायलों को एटा जिले के अस्पताल में ले जाया गया है। प्रांशु वर्मा जिला अपराध ...